Friday, February 23rd, 2024

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर पार्टी से इस्तीफा दिया

मुंबई
बिहारी में चल रहे सियासी ड्रामे के बीच महाराष्ट्र से बड़ी खबर सामने आ रही है. कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण  जल्द ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया है. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले को भेजे अपने पत्र में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया. उन्होंने कांग्रेस ही नहीं बल्कि विधानसभा के सदस्य के रूप में भी इस्तीफा दे दिया है, और अपने  पत्र में उन्होंने पेन से "पूर्व" लिखा है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब महाराष्ट्र कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी और मिलिंद देवड़ा कुछ समय पहले कांग्रेस को छोड़ चुके हैं.

उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी को अभी अपना इस्तीफा नहीं भेजा है. उन्होंने कल ही महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला से मुलाकात की थी. और कुछ मुद्दे उनके सामने रखे थे. वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अभी रायपुर में हैं. चर्चा है कि चव्हाण बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

देशमुख के हटने के बाद मुख्यमंत्री बने थे
चह्वाण दिसंबर 2008 से नवंबर 2010 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे हैं। दिसंबर 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद जब विलासराव देशमुख को सीएम पद से हटाया गया, तब चह्वाण ने पद संभाला। वे महाराष्ट्र के संस्कृति विभाग, उद्योग, माइंस विभाग जैसी जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं।

अशोक महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर राव चह्वाण के बेटे हैं। महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार पिता और पुत्र दोनों ने मुख्यमंत्री पद संभाला। वे नांदेड़ से सांसद भी रह चुके हैं। वे महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के महासचिव भी रह चुके हैं।


फडणवीस का बयान

अशोक चव्हाण को लेकर राज्य के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता देवेन्द्र फडणवीस ने कहा, 'मैंने मीडिया से अशोक चव्हाण के बारे में सुना. लेकिन मैं अभी केवल यही कह सकता हूं कि कांग्रेस के कई अच्छे नेता भाजपा के संपर्क में हैं. जो नेता जनता से जुड़े हैं वे कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे हैं. मुझे विश्वास है कि कुछ बड़े चेहरे कांग्रेस में शामिल होंगे.आगे-आगे देखिये होता है क्या...'

दिसंबर 2008 से नवंबर 2010 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे चव्हाण को महाराष्ट्र में कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता था. वह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरराव चव्हाण के बेटे हैं. उन्होंने महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सहित पार्टी के भीतर विभिन्न पदों पर काम किया है.

इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी के साथ अपना 48 साल पुराना नाता तोड़कर अजित पवार की पार्टी NCP में शामिल हो गए थे। महाराष्ट्र के मंत्री ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से सबसे पुरानी पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार, NCP (अजित गुट) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और राज्य इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे समेत शीर्ष नेताओं ने पार्टी में उनका स्वागत किया। सिद्दीकी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कांग्रेस छोड़ दी थी। इस अवसर पर सिद्दीकी ने अपने राजनीतिक करियर में दिवंगत कांग्रेस सांसद सुनील दत्त की भूमिका को स्वीकार किया।

सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने राकांपा में शामिल होने से पहले अपने विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी और पूर्व कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त से सलाह ली थी। मुंबई कांग्रेस के एक प्रमुख मुस्लिम चेहरा सिद्दीकी महाराष्ट्र में कांग्रेस-NCP गठबंधन सरकार में मंत्री भी रहे थे। उनके पुत्र जीशान सिद्दीकी बांद्रा (पूर्व) से कांग्रेस के विधायक हैं, लेकिन वह अब भी कांग्रेस के साथ हैं।

दिसंबर 2008 से नवंबर 2010 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे चव्हाण को महाराष्ट्र में कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता था। वह एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री शंकरराव चव्हाण के बेटे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सहित पार्टी के भीतर विभिन्न पदों पर काम किया है।

 

Source : Agency

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